श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 24: श्रीकृष्णके सम्मुख अर्जुनद्वारा दुर्योधनके दुराग्रहकी निन्दा और रथियोंकी सेनाका संहार  »  श्लोक 44
 
 
श्लोक  9.24.44 
उक्तं हि बहुश: सिद्धैर्जातमात्रे सुयोधने।
एनं प्राप्य दुरात्मानं क्षयं क्षत्रं गमिष्यति॥ ४४॥
 
 
अनुवाद
दुर्योधन के जन्म लेते ही सिद्धपुरुषों ने बार-बार कहा था कि, “इस दुष्टात्मा को पाकर क्षत्रिय वंश नष्ट हो जाएगा।”॥44॥
 
‘As soon as Duryodhana was born, the Siddha Purushas had repeatedly said, “On getting this evil soul, the Kshatriya race would be destroyed.”॥ 44॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd