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श्लोक 9.24.22  |
तस्मिंस्तु तुमुले भीष्मे प्रच्युते धरणीतले।
न जाने कारणं किं तु येन युद्धमवर्तत॥ २२॥ |
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| अनुवाद |
| तत्पश्चात् घोर युद्ध आरम्भ हो गया और भीष्मजी मारे गए और भूमि पर गिर पड़े। फिर भी किसी अज्ञात कारण से युद्ध चलता रहा॥ 22॥ |
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| ‘Thereafter a fierce battle began and Bhishmaji was killed and fell on the ground. Yet for some unknown reason the battle continued.॥ 22॥ |
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