श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 24: श्रीकृष्णके सम्मुख अर्जुनद्वारा दुर्योधनके दुराग्रहकी निन्दा और रथियोंकी सेनाका संहार  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  9.24.19 
समुद्रकल्पं च बलं धार्तराष्ट्रस्य माधव।
अस्मानासाद्य संजातं गोष्पदोपममच्युत॥ १९॥
 
 
अनुवाद
माधव! अच्युत! दुर्योधन की विशाल सेना, जो समुद्र के समान थी, आज हमसे युद्ध करके गौ के खुर के समान हो गई है॥19॥
 
Madhava! Achyuta! Duryodhan's vast army, which was like the ocean, has become like a cow's hooves today after fighting us.॥ 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)