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श्लोक 9.24.11  |
हते तस्मिन् रथानीके पाण्डवेनाभिपालिते।
गजानेतान् हनिष्याम: पदातींश्चेतरांस्तथा॥ ११॥ |
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| अनुवाद |
| पाण्डुपुत्र युधिष्ठिर द्वारा रक्षित इस रथसेना के नष्ट हो जाने पर हम इन हाथीसवारों, पैदलों और घुड़सवारों का भी संहार करेंगे। ॥11॥ |
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| "After this chariot army protected by Pandu's son Yudhishthira is destroyed, we will also kill these elephant riders, infantry and horse riders." ॥ 11॥ |
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