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mahabharat 9.23.90: जैसे सिद्ध पुरुष पुण्य के क्षीण हो जाने पर स्वर्ग के विमानों से नीचे गिर पड़ते हैं, वैसे ही वहाँ के सारथी अपने रथों से और हाथीसवार अपने हाथियों से पृथ्वी पर गिर पड़े॥90॥   |   mahabharat अध्याय 9.23: कौरवपक्षके सात सौ रथियोंका वध, उभयपक्षकी सेनाओंका मर्यादाशून्य घोर संग्राम तथा शकुनिका कूट युद्ध और उसकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 23: कौरवपक्षके सात सौ रथियोंका वध, उभयपक्षकी सेनाओंका मर्यादाशून्य घोर संग्राम तथा शकुनिका कूट युद्ध और उसकी पराजय  »  श्लोक 90
 
 
श्लोक  9.23.90 
रथेभ्यो रथिन: पेतुर्द्विपेभ्यो हस्तिसादिन:।
विमानेभ्यो दिवो भ्रष्ट्रा: सिद्धा: पुण्यक्षयादिव॥ ९०॥
 
 
अनुवाद
जैसे सिद्ध पुरुष पुण्य के क्षीण हो जाने पर स्वर्ग के विमानों से नीचे गिर पड़ते हैं, वैसे ही वहाँ के सारथी अपने रथों से और हाथीसवार अपने हाथियों से पृथ्वी पर गिर पड़े॥90॥
 
Just as the siddhas (superb men) fall down from the planes of heaven when their virtues are exhausted, similarly the charioteers there fell from their chariots and the elephant riders fell from their elephants to the earth.॥ 90॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)