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mahabharat 9.23.89: कुछ वीर पैदल सैनिक रणभूमि में पैदल सैनिकों से भिड़ गए और जब उनके हथियार समाप्त हो गए, तब वे एक-दूसरे पर मुक्का मारने लगे। इस प्रकार लड़ते-लड़ते वे भूमि पर गिर पड़े॥89॥   |   mahabharat अध्याय 9.23: कौरवपक्षके सात सौ रथियोंका वध, उभयपक्षकी सेनाओंका मर्यादाशून्य घोर संग्राम तथा शकुनिका कूट युद्ध और उसकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 23: कौरवपक्षके सात सौ रथियोंका वध, उभयपक्षकी सेनाओंका मर्यादाशून्य घोर संग्राम तथा शकुनिका कूट युद्ध और उसकी पराजय  »  श्लोक 89
 
 
श्लोक  9.23.89 
केचित् पदातय: पद्भिर्मुष्टिभिश्च परस्परम्।
निजघ्नु: समरे शूरा: क्षीणशस्त्रास्ततोऽपतन्॥ ८९॥
 
 
अनुवाद
कुछ वीर पैदल सैनिक रणभूमि में पैदल सैनिकों से भिड़ गए और जब उनके हथियार समाप्त हो गए, तब वे एक-दूसरे पर मुक्का मारने लगे। इस प्रकार लड़ते-लड़ते वे भूमि पर गिर पड़े॥89॥
 
Some valiant infantrymen clashed with the infantrymen in the battlefield and when their weapons were exhausted, they began to punch each other. While fighting in this manner, they fell to the ground.॥ 89॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)