Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.23.86-87: तब विजय की इच्छा से पाण्डवों ने तुरन्त ही उस पर आक्रमण कर दिया। पाण्डव युद्ध से बचना चाहते थे; इसलिए उनके पैदल सैनिक, हाथी सवार और घुड़सवार हाथ में हथियार लेकर आगे बढ़े और उन्होंने शकुनि को चारों ओर से घेर लिया तथा उसे नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों से घायल करना आरम्भ कर दिया। | mahabharat अध्याय 9.23: कौरवपक्षके सात सौ रथियोंका वध, उभयपक्षकी सेनाओंका मर्यादाशून्य घोर संग्राम तथा शकुनिका कूट युद्ध और उसकी पराजय । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब विजय की इच्छा से पाण्डवों ने तुरन्त ही उस पर आक्रमण कर दिया। पाण्डव युद्ध से बचना चाहते थे; इसलिए उनके पैदल सैनिक, हाथी सवार और घुड़सवार हाथ में हथियार लेकर आगे बढ़े और उन्होंने शकुनि को चारों ओर से घेर लिया तथा उसे नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों से घायल करना आरम्भ कर दिया।
Then the Pandavas, desirous of victory, immediately attacked him. The Pandavas wanted to escape the battle; therefore, their infantry, elephant riders and horsemen advanced with weapons in their hands and surrounded Shakuni from all sides and began wounding him with various kinds of weapons. 86-87.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥