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mahabharat 9.23.67-68h: महाराज! उस वीर योद्धाओं के युद्ध में सैकड़ों-हजारों योद्धाओं ने चारों ओर से आक्रमण किया और वे एक-दूसरे का मुँह देखने लगे।   |   mahabharat अध्याय 9.23: कौरवपक्षके सात सौ रथियोंका वध, उभयपक्षकी सेनाओंका मर्यादाशून्य घोर संग्राम तथा शकुनिका कूट युद्ध और उसकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 23: कौरवपक्षके सात सौ रथियोंका वध, उभयपक्षकी सेनाओंका मर्यादाशून्य घोर संग्राम तथा शकुनिका कूट युद्ध और उसकी पराजय  »  श्लोक 67-68h
 
 
श्लोक  9.23.67-68h 
ते चान्योन्यमवैक्षन्त तस्मिन् वीरसमागमे॥ ६७॥
योधा: पर्यपतन् राजन् शतशोऽथ सहस्रश:।
 
 
अनुवाद
महाराज! उस वीर योद्धाओं के युद्ध में सैकड़ों-हजारों योद्धाओं ने चारों ओर से आक्रमण किया और वे एक-दूसरे का मुँह देखने लगे।
 
King! In that battle of valiant warriors hundreds and thousands of warriors attacked from all sides and they started looking at each other. 67 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)