Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.23.6: उस समय राजा युधिष्ठिर अत्यन्त क्रोध में भरकर राजा दुर्योधन के साथ मिलकर आपके पुत्रों को भी युद्ध में परास्त करना चाहते थे।   |   mahabharat अध्याय 9.23: कौरवपक्षके सात सौ रथियोंका वध, उभयपक्षकी सेनाओंका मर्यादाशून्य घोर संग्राम तथा शकुनिका कूट युद्ध और उसकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 23: कौरवपक्षके सात सौ रथियोंका वध, उभयपक्षकी सेनाओंका मर्यादाशून्य घोर संग्राम तथा शकुनिका कूट युद्ध और उसकी पराजय  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  9.23.6 
ततो युधिष्ठिरो राजा क्रोधेन महता युत:।
जिगीषमाण: संग्रामे धार्तराष्ट्रान् सराजकान्॥ ६॥
 
 
अनुवाद
उस समय राजा युधिष्ठिर अत्यन्त क्रोध में भरकर राजा दुर्योधन के साथ मिलकर आपके पुत्रों को भी युद्ध में परास्त करना चाहते थे।
 
At that time King Yudhishthira, filled with great anger, wanted to defeat your sons along with King Duryodhana in the battle.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)