Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.23.57-58h: योद्धाओं के कवच रक्त से लथपथ थे। सभी के हाथों में अस्त्र-शस्त्र और धनुष थे, जो नाना प्रकार के भयंकर अस्त्र-शस्त्रों से एक-दूसरे को मार डालने की इच्छा से एक-दूसरे पर टूट पड़े। उस युद्ध में सभी योद्धा आपस में बहुत निकट से लड़े और उनमें से अधिकांश मारे गए। | mahabharat अध्याय 9.23: कौरवपक्षके सात सौ रथियोंका वध, उभयपक्षकी सेनाओंका मर्यादाशून्य घोर संग्राम तथा शकुनिका कूट युद्ध और उसकी पराजय । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
योद्धाओं के कवच रक्त से लथपथ थे। सभी के हाथों में अस्त्र-शस्त्र और धनुष थे, जो नाना प्रकार के भयंकर अस्त्र-शस्त्रों से एक-दूसरे को मार डालने की इच्छा से एक-दूसरे पर टूट पड़े। उस युद्ध में सभी योद्धा आपस में बहुत निकट से लड़े और उनमें से अधिकांश मारे गए।
The armor of the warriors was soaked in blood. All of them had weapons in their hands and bows in their hands, wishing to kill each other with various types of dreadful weapons. In that battle, all the warriors fought very close and most of them were killed.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥