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mahabharat 9.23.53: कई सैनिक पहलवानों की तरह लड़ रहे थे और एक-दूसरे पर वार कर रहे थे। कई मरे हुए घोड़ों द्वारा इधर-उधर घसीटे जा रहे थे।   |   mahabharat अध्याय 9.23: कौरवपक्षके सात सौ रथियोंका वध, उभयपक्षकी सेनाओंका मर्यादाशून्य घोर संग्राम तथा शकुनिका कूट युद्ध और उसकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 23: कौरवपक्षके सात सौ रथियोंका वध, उभयपक्षकी सेनाओंका मर्यादाशून्य घोर संग्राम तथा शकुनिका कूट युद्ध और उसकी पराजय  »  श्लोक 53
 
 
श्लोक  9.23.53 
मल्ला इव समासाद्य निजघ्नुरितरेतरम्।
अश्वैश्च व्यपकृष्यन्त बहवोऽत्र गतासव:॥ ५३॥
 
 
अनुवाद
कई सैनिक पहलवानों की तरह लड़ रहे थे और एक-दूसरे पर वार कर रहे थे। कई मरे हुए घोड़ों द्वारा इधर-उधर घसीटे जा रहे थे।
 
Many soldiers were fighting like wrestlers and hitting each other. Many were being dragged here and there by horses, dead.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)