Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.23.52: कई लोग एक-दूसरे के इतने करीब थे, एक-दूसरे के बाल पकड़े हुए थे कि हिल भी नहीं पा रहे थे। कई पराक्रमी योद्धा एक-दूसरे को अपने घोड़ों की पीठ से खींच रहे थे। 52. | mahabharat अध्याय 9.23: कौरवपक्षके सात सौ रथियोंका वध, उभयपक्षकी सेनाओंका मर्यादाशून्य घोर संग्राम तथा शकुनिका कूट युद्ध और उसकी पराजय । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
केशाकेशि समालग्ना न शेकुश्चेष्टितुं नरा:।
अन्योन्यमश्वपृष्ठेभ्यो विकर्षन्तो महाबला:॥ ५२॥
अनुवाद
कई लोग एक-दूसरे के इतने करीब थे, एक-दूसरे के बाल पकड़े हुए थे कि हिल भी नहीं पा रहे थे। कई पराक्रमी योद्धा एक-दूसरे को अपने घोड़ों की पीठ से खींच रहे थे। 52.
Many people were so close to each other, holding each other's hair that they were unable to move. Many mighty warriors were pulling each other from the backs of their horses. 52.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥