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mahabharat 9.23.50: हे शत्रुराज! जब सेना द्वारा उड़ाई गई धूल से सब कुछ अंधकारमय हो गया, तब हमने बहुत से योद्धाओं को वहाँ से भागते देखा ॥50॥   |   mahabharat अध्याय 9.23: कौरवपक्षके सात सौ रथियोंका वध, उभयपक्षकी सेनाओंका मर्यादाशून्य घोर संग्राम तथा शकुनिका कूट युद्ध और उसकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 23: कौरवपक्षके सात सौ रथियोंका वध, उभयपक्षकी सेनाओंका मर्यादाशून्य घोर संग्राम तथा शकुनिका कूट युद्ध और उसकी पराजय  »  श्लोक 50
 
 
श्लोक  9.23.50 
ततोऽभवत्तमो घोरं सैन्येन रजसा वृते।
तानपाक्रमतोऽद्राक्षं तस्माद् देशादरिंदम॥ ५०॥
 
 
अनुवाद
हे शत्रुराज! जब सेना द्वारा उड़ाई गई धूल से सब कुछ अंधकारमय हो गया, तब हमने बहुत से योद्धाओं को वहाँ से भागते देखा ॥50॥
 
O King of enemies! Then when the dust raised by the army made everything dark, we saw many warriors running away from there. ॥ 50॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)