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श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 23: कौरवपक्षके सात सौ रथियोंका वध, उभयपक्षकी सेनाओंका मर्यादाशून्य घोर संग्राम तथा शकुनिका कूट युद्ध और उसकी पराजय  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  9.23.5 
अनुमानेन युध्यन्ते संज्ञाभिश्च परस्परम्।
तेषां क्षयो महानासीद् युध्यतामितरेतरम्॥ ५॥
 
 
अनुवाद
सभी लोग एक-दूसरे का नाम बताकर, अपने शत्रुओं और मित्रों की पहचान करके आपस में युद्ध करते थे। आपस में लड़ते हुए उन वीर योद्धाओं को भारी विनाश का सामना करना पड़ रहा था।
 
Everyone used to fight with each other by guessing and telling their names and identifying their enemies and friends. While fighting with each other, those brave warriors were facing huge destruction.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)