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mahabharat 9.23.43: हे राजन! आपकी कुमति के फलस्वरूप वह महायुद्ध आरम्भ हुआ, जो कायरों द्वारा नहीं, वीरों द्वारा लड़ा गया। उस समय सभी योद्धाओं के हाथों में गदाएँ या भाले थे।   |   mahabharat अध्याय 9.23: कौरवपक्षके सात सौ रथियोंका वध, उभयपक्षकी सेनाओंका मर्यादाशून्य घोर संग्राम तथा शकुनिका कूट युद्ध और उसकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 23: कौरवपक्षके सात सौ रथियोंका वध, उभयपक्षकी सेनाओंका मर्यादाशून्य घोर संग्राम तथा शकुनिका कूट युद्ध और उसकी पराजय  »  श्लोक 43
 
 
श्लोक  9.23.43 
तदुद्यतगदाप्रासमकापुरुषसेवितम्।
प्रावर्तत महद् युद्धं राजन् दुर्मन्त्रिते तव॥ ४३॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! आपकी कुमति के फलस्वरूप वह महायुद्ध आरम्भ हुआ, जो कायरों द्वारा नहीं, वीरों द्वारा लड़ा गया। उस समय सभी योद्धाओं के हाथों में गदाएँ या भाले थे।
 
O King! As a result of your bad advice, that great war began, which was fought not by cowards but by brave men. At that time all the warriors had maces or spears in their hands.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)