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mahabharat 9.23.42: वे वीर घुड़सवार वहाँ जाकर युद्धभूमि के मध्य में खड़े हो गये और शकुनि की विशाल सेना पर बाणों की वर्षा करने लगे।   |   mahabharat अध्याय 9.23: कौरवपक्षके सात सौ रथियोंका वध, उभयपक्षकी सेनाओंका मर्यादाशून्य घोर संग्राम तथा शकुनिका कूट युद्ध और उसकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 23: कौरवपक्षके सात सौ रथियोंका वध, उभयपक्षकी सेनाओंका मर्यादाशून्य घोर संग्राम तथा शकुनिका कूट युद्ध और उसकी पराजय  »  श्लोक 42
 
 
श्लोक  9.23.42 
ते तत्र सादिन: शूरा: सौबलस्य महद् बलम्।
रणमध्ये व्यतिष्ठन्त शरवर्षैरवाकिरन्॥ ४२॥
 
 
अनुवाद
वे वीर घुड़सवार वहाँ जाकर युद्धभूमि के मध्य में खड़े हो गये और शकुनि की विशाल सेना पर बाणों की वर्षा करने लगे।
 
Those valiant horsemen went there and stood in the centre of the battle-field and began showering arrows on Shakuni's huge army.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)