Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.23.34: तब युधिष्ठिर ने अपनी सेना में मची भगदड़ देखकर शान्त भाव से पराक्रमी सहदेव को पुकारा।   |   mahabharat अध्याय 9.23: कौरवपक्षके सात सौ रथियोंका वध, उभयपक्षकी सेनाओंका मर्यादाशून्य घोर संग्राम तथा शकुनिका कूट युद्ध और उसकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 23: कौरवपक्षके सात सौ रथियोंका वध, उभयपक्षकी सेनाओंका मर्यादाशून्य घोर संग्राम तथा शकुनिका कूट युद्ध और उसकी पराजय  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  9.23.34 
ततो युधिष्ठिर: प्रेक्ष्य भग्नं स्वबलमन्तिकात्।
अभ्यनादयदव्यग्र: सहदेवं महाबलम्॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
तब युधिष्ठिर ने अपनी सेना में मची भगदड़ देखकर शान्त भाव से पराक्रमी सहदेव को पुकारा।
 
Then Yudhishthira, seeing the stampede in his own army, calmly called out to the mighty Sahadeva. 34.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)