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mahabharat 9.23.27: इस सलाह के अनुसार जब हम लोग आगे बढ़े, तब मद्र देश के वीर योद्धा और अन्य सैनिक हर्षित होकर जोर-जोर से जयजयकार करने लगे॥27॥   |   mahabharat अध्याय 9.23: कौरवपक्षके सात सौ रथियोंका वध, उभयपक्षकी सेनाओंका मर्यादाशून्य घोर संग्राम तथा शकुनिका कूट युद्ध और उसकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 23: कौरवपक्षके सात सौ रथियोंका वध, उभयपक्षकी सेनाओंका मर्यादाशून्य घोर संग्राम तथा शकुनिका कूट युद्ध और उसकी पराजय  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  9.23.27 
ततो न: सम्प्रयातानां मद्रयोधास्तरस्विन:।
हृष्टा: किलकिलाशब्दमकुर्वन्तापरे तथा॥ २७॥
 
 
अनुवाद
इस सलाह के अनुसार जब हम लोग आगे बढ़े, तब मद्र देश के वीर योद्धा और अन्य सैनिक हर्षित होकर जोर-जोर से जयजयकार करने लगे॥27॥
 
When we moved forward according to this advice, the valiant warriors of Madra country and the other soldiers became delighted and started shouting loudly.॥ 27॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)