Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.23.24-25: इन भयंकर एवं भयंकर संकटों की उपेक्षा करके हृदय में पीड़ा से मुक्त हुए क्षत्रिय योद्धा पुनः युद्ध के लिए तैयार हो गए और स्वर्ग जाने की इच्छा से वे सुन्दर एवं पुण्यशाली कुरुक्षेत्र में उत्साहपूर्वक खड़े हो गए ॥24-25॥ | mahabharat अध्याय 9.23: कौरवपक्षके सात सौ रथियोंका वध, उभयपक्षकी सेनाओंका मर्यादाशून्य घोर संग्राम तथा शकुनिका कूट युद्ध और उसकी पराजय । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इन भयंकर एवं भयंकर संकटों की उपेक्षा करके हृदय में पीड़ा से मुक्त हुए क्षत्रिय योद्धा पुनः युद्ध के लिए तैयार हो गए और स्वर्ग जाने की इच्छा से वे सुन्दर एवं पुण्यशाली कुरुक्षेत्र में उत्साहपूर्वक खड़े हो गए ॥24-25॥
Ignoring these terrible and terrible troubles, the Kshatriya warriors, free from pain in their hearts, again got ready for war and with the desire of going to heaven, they enthusiastically stood in the beautiful and virtuous Kurukshetra. 24-25॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥