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mahabharat 9.23.2: उन भागते हुए योद्धाओं को बड़े प्रयत्न से रोककर आपके पुत्र ने पाण्डव सेना के साथ युद्ध आरम्भ कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 9.23: कौरवपक्षके सात सौ रथियोंका वध, उभयपक्षकी सेनाओंका मर्यादाशून्य घोर संग्राम तथा शकुनिका कूट युद्ध और उसकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 23: कौरवपक्षके सात सौ रथियोंका वध, उभयपक्षकी सेनाओंका मर्यादाशून्य घोर संग्राम तथा शकुनिका कूट युद्ध और उसकी पराजय  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  9.23.2 
तांस्तु यत्नेन महता संनिवार्य महारथान्।
पुत्रस्ते योधयामास पाण्डवानामनीकिनीम्॥ २॥
 
 
अनुवाद
उन भागते हुए योद्धाओं को बड़े प्रयत्न से रोककर आपके पुत्र ने पाण्डव सेना के साथ युद्ध आरम्भ कर दिया।
 
After stopping those fleeing warriors with great effort your son started fighting with the Pandava army.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)