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ते समन्तान्महाराज परिवार्य युधिष्ठिरम्।
अदृश्यं सायकैश्चक्रुर्मेघा इव दिवाकरम्॥ ११॥
अनुवाद
महाराज! जैसे बादल सूर्य को ढक लेते हैं, उसी प्रकार उन महारथियों ने युधिष्ठिर को चारों ओर से घेरकर अपने बाणों से उन्हें अदृश्य कर दिया।
Maharaj! Just as clouds cover the sun, in the same way those charioteers surrounded Yudhishthira from all sides and made him invisible with their arrows.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥