Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.22.8: हे भरत! हमने वहाँ आपके पुत्र का अद्भुत पराक्रम देखा कि समस्त पाण्डव मिलकर भी उस अकेले योद्धा का सामना नहीं कर सके।   |   mahabharat अध्याय 9.22: दुर्योधनका पराक्रम और उभयपक्षकी सेनाओंका घोर संग्राम   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 22: दुर्योधनका पराक्रम और उभयपक्षकी सेनाओंका घोर संग्राम  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  9.22.8 
तत्राद्भुतमपश्याम तव पुत्रस्य विक्रमम्।
यदेकं सहिता: पार्था नाभ्यवर्तन्त भारत॥ ८॥
 
 
अनुवाद
हे भरत! हमने वहाँ आपके पुत्र का अद्भुत पराक्रम देखा कि समस्त पाण्डव मिलकर भी उस अकेले योद्धा का सामना नहीं कर सके।
 
O Bharata! We saw there the amazing prowess of your son that even all the Pandavas together could not face that lone warrior.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)