श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 22: दुर्योधनका पराक्रम और उभयपक्षकी सेनाओंका घोर संग्राम  »  श्लोक 41
 
 
श्लोक  9.22.41 
इदं चित्रमिदं घोरमिदं रौद्रमिति प्रभो।
युद्धान्यासन् महाराज घोराणि च बहूनि च॥ ४१॥
 
 
अनुवाद
हे प्रभु! महाराज! यह विचित्र, यह भयंकर, यह उग्र युद्ध - इस प्रकार अनेक भयंकर युद्ध होने लगे।
 
O Lord! Maharaj! This strange, this fierce, this furious war - in this way many fierce wars began to take place. 41.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)