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श्री महाभारत
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पर्व 9: शल्य पर्व
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अध्याय 22: दुर्योधनका पराक्रम और उभयपक्षकी सेनाओंका घोर संग्राम
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श्लोक 33-34h
श्लोक
9.22.33-34h
धृष्टद्युम्नोऽपि समरे प्रगृह्य परमायुधम्॥ ३३॥
राजानं योधयामास पश्यतां सर्वधन्विनाम्।
अनुवाद
तब धृष्टद्युम्न ने दूसरा उत्तम धनुष लेकर युद्धभूमि में समस्त धनुर्धरों के सामने राजा दुर्योधन के साथ युद्ध करना आरम्भ किया। ॥33 1/2॥
Then Dhrishtadyumna took another excellent bow and began fighting with King Duryodhana in front of all the archers on the battlefield. ॥ 33 1/2 ॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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