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mahabharat 9.22.28-29h: दूसरी ओर, अत्यन्त आत्मविश्वास से युक्त उलूक ने महाधनुर्धर वीर नकुल पर चारों ओर से बाणों की वर्षा करते हुए आक्रमण किया।   |   mahabharat अध्याय 9.22: दुर्योधनका पराक्रम और उभयपक्षकी सेनाओंका घोर संग्राम   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 22: दुर्योधनका पराक्रम और उभयपक्षकी सेनाओंका घोर संग्राम  »  श्लोक 28-29h
 
 
श्लोक  9.22.28-29h 
उलूकस्तु महेष्वासं नकुलं युद्धदुर्मदम्॥ २८॥
अभ्यद्रवदमेयात्मा शरवर्षै: समन्तत:।
 
 
अनुवाद
दूसरी ओर, अत्यन्त आत्मविश्वास से युक्त उलूक ने महाधनुर्धर वीर नकुल पर चारों ओर से बाणों की वर्षा करते हुए आक्रमण किया।
 
On the other hand, Ulooka, endowed with immense self-confidence, attacked the great archer, the valiant warrior Nakul, showering arrows on him from all sides. 28 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)