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mahabharat 9.21.7: हे भरतश्रेष्ठ! उसकी गर्जना से पांचाल सैनिक काँप उठे। उस समय शिनि के पौत्र पराक्रमी सात्यकि उन शत्रुओं का सामना करने के लिए आये।   |   mahabharat अध्याय 9.21: सात्यकिद्वारा क्षेमधूर्तिका वध, कृतवर्माका युद्ध और उसकी पराजय एवं कौरवसेनाका पलायन   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  9.21.7 
तेन शब्देन वित्रस्ता: पञ्चाला भरतर्षभ।
शिनेर्नप्ता महाबाहुरन्वपद्यत सात्यकि:॥ ७॥
 
 
अनुवाद
हे भरतश्रेष्ठ! उसकी गर्जना से पांचाल सैनिक काँप उठे। उस समय शिनि के पौत्र पराक्रमी सात्यकि उन शत्रुओं का सामना करने के लिए आये।
 
O best of the Bharatas! The Panchala soldiers trembled at his roar. At that time the mighty Satyaki, grandson of Shini, came to face those enemies.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)