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mahabharat 9.21.32-33h: जब दुर्योधन ने अपनी सेना को भागते देखा, तो वह बड़े वेग से शत्रुओं पर टूट पड़ा और अकेले ही उन सबको रोक दिया।   |   mahabharat अध्याय 9.21: सात्यकिद्वारा क्षेमधूर्तिका वध, कृतवर्माका युद्ध और उसकी पराजय एवं कौरवसेनाका पलायन   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 21: सात्यकिद्वारा क्षेमधूर्तिका वध, कृतवर्माका युद्ध और उसकी पराजय एवं कौरवसेनाका पलायन  »  श्लोक 32-33h
 
 
श्लोक  9.21.32-33h 
दुर्योधनस्तु सम्प्रेक्ष्य भग्नं स्वबलमन्तिकात्॥ ३२॥
जवेनाभ्यपतत् तूर्णं सर्वांश्चैको न्यवारयत्।
 
 
अनुवाद
जब दुर्योधन ने अपनी सेना को भागते देखा, तो वह बड़े वेग से शत्रुओं पर टूट पड़ा और अकेले ही उन सबको रोक दिया।
 
When Duryodhana saw his army fleeing away, he rushed upon the enemies with great speed and single-handedly stopped them all. 32 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)