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mahabharat 9.21.21: तत्पश्चात् शनिप्रवर सात्यकि ने दस अत्यन्त तीक्ष्ण बाणों द्वारा कृतवर्मा के ध्वज, सारथि और घोड़ों को नष्ट कर दिया ॥21॥   |   mahabharat अध्याय 9.21: सात्यकिद्वारा क्षेमधूर्तिका वध, कृतवर्माका युद्ध और उसकी पराजय एवं कौरवसेनाका पलायन   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 21: सात्यकिद्वारा क्षेमधूर्तिका वध, कृतवर्माका युद्ध और उसकी पराजय एवं कौरवसेनाका पलायन  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  9.21.21 
तत: सुनिशितैर्बाणैर्दशभि: शिनिपुङ्गव:।
जघान सूतं चाश्वांश्च ध्वजं च कृतवर्मण:॥ २१॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् शनिप्रवर सात्यकि ने दस अत्यन्त तीक्ष्ण बाणों द्वारा कृतवर्मा के ध्वज, सारथि और घोड़ों को नष्ट कर दिया ॥21॥
 
After that, Shani Pravar Satyaki destroyed Kritavarma's flag, charioteer and horses with ten very sharp arrows. 21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)