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mahabharat 9.21.15: कृतवर्मा ने अपूर्व वीर एवं पराक्रमी सात्यकि के पास पहुँचकर चार तीखे बाणों से उसके चारों घोड़ों को घायल कर दिया॥15॥   |   mahabharat अध्याय 9.21: सात्यकिद्वारा क्षेमधूर्तिका वध, कृतवर्माका युद्ध और उसकी पराजय एवं कौरवसेनाका पलायन   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 21: सात्यकिद्वारा क्षेमधूर्तिका वध, कृतवर्माका युद्ध और उसकी पराजय एवं कौरवसेनाका पलायन  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  9.21.15 
तमेकं सत्यकर्माणमासाद्य हृदिकात्मज:।
अविध्यन्निशितैर्बाणैश्चतुर्भिश्चतुरो हयान्॥ १५॥
 
 
अनुवाद
कृतवर्मा ने अपूर्व वीर एवं पराक्रमी सात्यकि के पास पहुँचकर चार तीखे बाणों से उसके चारों घोड़ों को घायल कर दिया॥15॥
 
Kritavarma reached Satyaki, the incomparably brave and brave Satyaki, and injured all four of his horses with four sharp arrows. 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)