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mahabharat 9.21.10: तदनन्तर उत्तम शस्त्रधारी, रथियों में श्रेष्ठ, परम वीर धनुर्धर तथा वीर सात्वतवंशी सात्यकि और कृतवर्मा एक दूसरे पर आक्रमण करने लगे।   |   mahabharat अध्याय 9.21: सात्यकिद्वारा क्षेमधूर्तिका वध, कृतवर्माका युद्ध और उसकी पराजय एवं कौरवसेनाका पलायन   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  9.21.10 
सात्वतौ च महावीर्यौ धन्विनौ रथिनां वरौ।
अन्योन्यमभ्यधावेतां शस्त्रप्रवरधारिणौ॥ १०॥
 
 
अनुवाद
तदनन्तर उत्तम शस्त्रधारी, रथियों में श्रेष्ठ, परम वीर धनुर्धर तथा वीर सात्वतवंशी सात्यकि और कृतवर्मा एक दूसरे पर आक्रमण करने लगे।
 
Then Satyaki and Kritavarma, the wielder of excellent weapons, the best among charioteers, the most valiant archer, and the brave Satvatavanshi, started attacking each other.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)