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mahabharat 9.21.1: संजय कहते हैं - हे राजन! जब युद्ध में प्रसिद्ध वीर योद्धा शाल्व मारा गया, तब आपकी सेना ऐसे काँप उठी, मानो वायु के तेज झोंके से कोई विशाल वृक्ष उखड़ गया हो।   |   mahabharat अध्याय 9.21: सात्यकिद्वारा क्षेमधूर्तिका वध, कृतवर्माका युद्ध और उसकी पराजय एवं कौरवसेनाका पलायन   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  9.21.1 
संजय उवाच
तस्मिंस्तु निहते शूरे शाल्वे समितिशोभने।
तवाभज्यद् बलं वेगाद् वातेनेव महाद्रुम:॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं - हे राजन! जब युद्ध में प्रसिद्ध वीर योद्धा शाल्व मारा गया, तब आपकी सेना ऐसे काँप उठी, मानो वायु के तेज झोंके से कोई विशाल वृक्ष उखड़ गया हो।
 
Sanjaya says - O King! When the valiant warrior Shalva, who was famous in battle, was killed, your army was shaken as if a huge tree had been uprooted by a strong gust of wind.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)