Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.20.7: यद्यपि म्लेच्छराज का हाथी इन्द्र के ऐरावत हाथी के समान युद्धभूमि में अकेला ही विचरण कर रहा था, तथापि पाण्डव, संजय तथा सोम योद्धा उसे हजारों की संख्या में देख सकते थे। वह उन्हें सर्वत्र दिखाई दे रहा था। | mahabharat अध्याय 9.20: धृष्टद्युम्नद्वारा राजा शाल्वके हाथीका और सात्यकिद्वारा राजा शाल्वका वध । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यद्यपि म्लेच्छराज का हाथी इन्द्र के ऐरावत हाथी के समान युद्धभूमि में अकेला ही विचरण कर रहा था, तथापि पाण्डव, संजय तथा सोम योद्धा उसे हजारों की संख्या में देख सकते थे। वह उन्हें सर्वत्र दिखाई दे रहा था।
Though the elephant of the Mlecchha king was roaming alone in the battlefield like the Airavat elephant of Indra, yet the Pandavas, Sanjaya and the Som warriors could see him in thousands. He was visible to them everywhere.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥