Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.20.4-5h: उस हाथी पर बैठे हुए राजाओं में श्रेष्ठ शाल्व प्रातःकाल क्षितिज पर प्रकट होने वाले सूर्यदेव के समान शोभायमान हो रहे थे। हे राजन! उस विशाल हाथी पर सवार होकर उन्होंने वहाँ एकत्रित समस्त पाण्डवों पर आक्रमण किया और उन्हें इन्द्र के वज्र के समान भयंकर तीखे बाणों से बींधना आरम्भ कर दिया। | mahabharat अध्याय 9.20: धृष्टद्युम्नद्वारा राजा शाल्वके हाथीका और सात्यकिद्वारा राजा शाल्वका वध । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस हाथी पर बैठे हुए राजाओं में श्रेष्ठ शाल्व प्रातःकाल क्षितिज पर प्रकट होने वाले सूर्यदेव के समान शोभायमान हो रहे थे। हे राजन! उस विशाल हाथी पर सवार होकर उन्होंने वहाँ एकत्रित समस्त पाण्डवों पर आक्रमण किया और उन्हें इन्द्र के वज्र के समान भयंकर तीखे बाणों से बींधना आरम्भ कर दिया।
Sitting on that elephant, Shalva, the best of kings, looked as graceful as the Sun God on the horizon in the morning. O King! On that great elephant he attacked all the Pandavas gathered there and began piercing them with sharp arrows, which were as dreadful as Indra's thunderbolt.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥