Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.20.25: गदा के प्रहार से हाथी का माथा फट गया और वह पर्वत के समान विशाल हाथी अचानक चीखता हुआ और मुंह से रक्त उगलता हुआ नीचे गिर पड़ा, मानो भूकंप के कारण कोई पर्वत गिर गया हो। | mahabharat अध्याय 9.20: धृष्टद्युम्नद्वारा राजा शाल्वके हाथीका और सात्यकिद्वारा राजा शाल्वका वध । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स भिन्नकुम्भ: सहसा विनद्य
मुखात् प्रभूतं क्षतजं विमुञ्चन्।
पपात नागो धरणीधराभ:
क्षितिप्रकम्पाच्चलितो यथाद्रि:॥ २५॥
अनुवाद
गदा के प्रहार से हाथी का माथा फट गया और वह पर्वत के समान विशाल हाथी अचानक चीखता हुआ और मुंह से रक्त उगलता हुआ नीचे गिर पड़ा, मानो भूकंप के कारण कोई पर्वत गिर गया हो।
The elephant's forehead was split open by the blow of the mace, and the huge elephant, as big as a mountain, suddenly fell down shrieking and vomiting blood from its mouth, as if a mountain had collapsed due to an earthquake.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥