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श्लोक  9.20.23 
पाञ्चालपुत्रस्त्वरितस्तु शूरो
गदां प्रगृह्याचलशृङ्गकल्पाम्।
ससम्भ्रमं भारत शत्रुघाती
जवेन वीरोऽनुससार नागम्॥ २३॥
 
 
अनुवाद
हे भारत! उसी समय शत्रुसंहारक पांचाल नरेश वीर धृष्टद्युम्न ने हाथ में पर्वत शिखर के समान विशाल गदा लेकर बड़े वेग से हाथी पर आक्रमण किया।
 
Bhaarat! At this very moment, the valiant enemy-killer Prince of Panchala, Dhrishtadyumna, taking up a mace as huge as a mountain peak in his hand, attacked the elephant with great speed.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)