Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.20.22: हे नरदेव! शाल्व का पराक्रम देखकर पांचाल और संजय श्रेष्ठ नर अपनी गरज से समस्त दिशाओं को गुंजायमान करने लगे। उन्होंने युद्धस्थल में उस हाथी को चारों ओर से घेर लिया।   |   mahabharat अध्याय 9.20: धृष्टद्युम्नद्वारा राजा शाल्वके हाथीका और सात्यकिद्वारा राजा शाल्वका वध   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 20: धृष्टद्युम्नद्वारा राजा शाल्वके हाथीका और सात्यकिद्वारा राजा शाल्वका वध  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  9.20.22 
तत् कर्म शाल्वस्य समीक्ष्य सर्वे
पाञ्चालपुत्रा नृप सृञ्जयाश्च।
हाहाकारैर्नादयन्ति स्म युद्धे
द्विपं समन्ताद् रुरुधुर्नराग्रॺा:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
हे नरदेव! शाल्व का पराक्रम देखकर पांचाल और संजय श्रेष्ठ नर अपनी गरज से समस्त दिशाओं को गुंजायमान करने लगे। उन्होंने युद्धस्थल में उस हाथी को चारों ओर से घेर लिया।
 
O lord of men! Seeing the might of Shalva, all the best of men Panchala and Sanjaya started echoing all directions with their cries. They surrounded that elephant from all sides in the battlefield.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)