श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 20: धृष्टद्युम्नद्वारा राजा शाल्वके हाथीका और सात्यकिद्वारा राजा शाल्वका वध  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  9.20.18 
स तं रथं हेमविभूषिताङ्गं
साश्वं ससूतं सहसा विमृद्य।
उत्क्षिप्य हस्तेन नदन् महाद्विपो
विपोथयामास वसुन्धरातले॥ १८॥
 
 
अनुवाद
उस विशाल हाथी ने जोर से गर्जना करते हुए अचानक धृष्टद्युम्न के स्वर्ण-सज्जित रथ को उसके घोड़ों और सारथि सहित कुचल डाला और उसे अपनी सूँड़ से उठाकर भूमि पर पटक दिया।
 
Roaring loudly, that huge elephant suddenly crushed the golden-decorated chariot of Dhrishtadyumna along with its horses and charioteer and lifted it up with its trunk and threw it on the ground.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)