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mahabharat 9.20.12: तत्पश्चात् महाबुद्धिमान धृष्टद्युम्न विजय प्राप्ति के लिए बड़ी शीघ्रता से उस हाथी पर सवार हुए, जैसे जम्भासुर ने इन्द्र के साथ युद्ध आरम्भ होने पर इन्द्र के वाहन सर्पराज ऐरावत पर आक्रमण किया था॥12॥   |   mahabharat अध्याय 9.20: धृष्टद्युम्नद्वारा राजा शाल्वके हाथीका और सात्यकिद्वारा राजा शाल्वका वध   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  9.20.12 
ततस्तु तं वै द्विरदं महात्मा
प्रत्युद्ययौ त्वरमाणे जयाय।
जम्भो यथा शक्रसमागमे वै
नागेन्द्रमैरावणमिन्द्रवाह्यम्॥ १२॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् महाबुद्धिमान धृष्टद्युम्न विजय प्राप्ति के लिए बड़ी शीघ्रता से उस हाथी पर सवार हुए, जैसे जम्भासुर ने इन्द्र के साथ युद्ध आरम्भ होने पर इन्द्र के वाहन सर्पराज ऐरावत पर आक्रमण किया था॥12॥
 
Thereafter the great-minded Dhrishtadyumna mounted that elephant in great haste to achieve victory, just as Jambhasur had attacked Indra's vehicle, King of Snakes, Airavat, when the war with Indra began.॥12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)