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श्री महाभारत
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पर्व 9: शल्य पर्व
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अध्याय 2: राजा धृतराष्ट्रका विलाप करना और संजयसे युद्धका वृत्तान्त पूछना
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श्लोक 70
श्लोक
9.2.70
यद् यथा यादृशं चैव युद्धं वृत्तं च साम्प्रतम्।
अखिलं श्रोतुमिच्छामि कुशलो ह्यसि संजय॥ ७०॥
अनुवाद
संजय! मैं युद्ध की कथा सुनना चाहता हूँ, वह कैसे हुआ और किस प्रकार घटित हुआ। तुम वह सब बताने में कुशल हो।
Sanjaya! I want to hear the story of the war, how it happened and how it happened. You are skilled in telling all that. 70.
इति श्रीमहाभारते शल्यपर्वणि धृतराष्ट्रविलापे द्वितीयोऽध्याय:॥ २॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत शल्यपर्वमें धृतराष्ट्रका विलापविषयक दूसरा अध्याय पूरा हुआ॥ २॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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