श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 2: राजा धृतराष्ट्रका विलाप करना और संजयसे युद्धका वृत्तान्त पूछना  »  श्लोक 66
 
 
श्लोक  9.2.66 
कथं च व: समेतानां मद्रराजो महारथ:।
निहत: पाण्डवै: संख्ये पुत्रो वा मम संजय॥ ६६॥
 
 
अनुवाद
संजय! आप सबके साथ होते हुए भी महाबली मद्रराज शल्य और मेरा पुत्र दुर्योधन, ये दोनों आपके सामने ही पाण्डवों द्वारा कैसे मारे गये?॥ 66॥
 
Sanjaya! Despite all of you being together, how did the mighty warrior king of Madra, Shalya, and my son Duryodhana, both get killed by the Pandavas in front of you?॥ 66॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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