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mahabharat 9.2.65: युद्धभूमि में युद्ध करने के इच्छुक मद्रराज शल्य के दाहिने अथवा बाएँ चक्र की रक्षा कौन कर रहा था ? अथवा उस वीर सेनापति के अंगरक्षक कौन थे ? 65॥   |   mahabharat अध्याय 9.2: राजा धृतराष्ट्रका विलाप करना और संजयसे युद्धका वृत्तान्त पूछना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 2: राजा धृतराष्ट्रका विलाप करना और संजयसे युद्धका वृत्तान्त पूछना  »  श्लोक 65
 
 
श्लोक  9.2.65 
केऽरक्षन् दक्षिणं चक्रं मद्रराजस्य संयुगे।
वामं च योद्धुकामस्य के वा वीरस्य पृष्ठत:॥ ६५॥
 
 
अनुवाद
युद्धभूमि में युद्ध करने के इच्छुक मद्रराज शल्य के दाहिने अथवा बाएँ चक्र की रक्षा कौन कर रहा था ? अथवा उस वीर सेनापति के अंगरक्षक कौन थे ? 65॥
 
Who protected the right or left wheel of Madraraja Shalya, who wanted to fight in the battlefield? Or who were the bodyguards of that brave commander? 65॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)