श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 2: राजा धृतराष्ट्रका विलाप करना और संजयसे युद्धका वृत्तान्त पूछना  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  9.2.35 
सुदक्षिणो हतो यत्र जलसन्धश्च पौरव:।
श्रुतायुश्चायुतायुश्च किमन्यद् भागधेयत:॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
जहाँ काम्बोजराज सुदक्षिण, पौरव, जलसन्ध, श्रुतायु और अयुतायु मारे गये, वहाँ भाग्य के अतिरिक्त और क्या कारण हो सकता है? 35॥
 
Where Kambojraj Sudakshin, Paurava, Jalsandha, Shrutayu and Ayutayu were killed, what other reason could there be other than fate? 35॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)