Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.2.29-30h: जब मेरे पुत्र, जो ऐसे वीर पुरुषों के बीच में रहकर भी पूरी शक्ति से युद्ध करते थे, युद्धस्थल में मारे गए, तो इसे भाग्य के अतिरिक्त और क्या कहा जा सकता है?॥29 1/2॥ | mahabharat अध्याय 9.2: राजा धृतराष्ट्रका विलाप करना और संजयसे युद्धका वृत्तान्त पूछना । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब मेरे पुत्र, जो ऐसे वीर पुरुषों के बीच में रहकर भी पूरी शक्ति से युद्ध करते थे, युद्धस्थल में मारे गए, तो इसे भाग्य के अतिरिक्त और क्या कहा जा सकता है?॥29 1/2॥
When my sons, who fought with all their might despite being in the midst of such brave men, were killed in the battle-field, what else can this be called except fate?॥ 29 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥