Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.2.14: हे कुरुपुत्र! पहले तो तुम स्नेह और नेत्रों में आँसू भरकर मुझे गले लगाते और कहते कि 'पिताजी! मुझे मेरा कर्तव्य सिखाइए'; फिर वही सुन्दर बात मुझसे पुनः कहते॥14॥ | mahabharat अध्याय 9.2: राजा धृतराष्ट्रका विलाप करना और संजयसे युद्धका वृत्तान्त पूछना । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
परिष्वज्य च मां कण्ठे स्नेहेन क्लिन्नलोचन:।
अनुशाधीति कौरव्य तत् साधु वद मे वच:॥ १४॥
अनुवाद
हे कुरुपुत्र! पहले तो तुम स्नेह और नेत्रों में आँसू भरकर मुझे गले लगाते और कहते कि 'पिताजी! मुझे मेरा कर्तव्य सिखाइए'; फिर वही सुन्दर बात मुझसे पुनः कहते॥14॥
O son of Kuru! First you would have embraced me with affection and tears in your eyes and said, 'Father! Please teach me my duty'; then say the same beautiful thing to me again. ॥ 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥