माद्री के पुत्र नकुल, सहदेव तथा पराक्रमी सात्यकि ने शकुनि पर आक्रमण किया। वे सभी हर्ष और उत्साह से भरकर बड़ी सावधानी और वेग से आपकी सेना पर टूट पड़े।
Madri's sons Nakula and Sahadeva and the mighty Satyaki attacked Shakuni. All of them, filled with joy and enthusiasm, attacked your army with great caution and speed. 69-70.
इति श्रीमहाभारते शल्यपर्वणि संकुलयुद्धे एकोनविंशोऽध्याय:॥ १९॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत शल्यपर्वमें संकुलयुद्धविषयक उन्नीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १९॥
(दाक्षिणात्य अधिक पाठका १ श्लोक मिलाकर कुल ७१ श्लोक हैं।)
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥