Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.19.63: अतः हमारे लिए यही हितकर होगा कि हम क्रोधित भीमसेन के सामने डटे रहें। क्षत्रियधर्मानुसार युद्ध करने वाले वीर पुरुषों के लिए युद्ध में मृत्यु ही एकमात्र सुखदायी है। | mahabharat अध्याय 9.19: पाण्डवसैनिकोंका आपसमें बातचीत करते हुए पाण्डवोंकी प्रशंसा और धृतराष्ट्रकी निन्दा करना तथा कौरव-सेनाका पलायन, भीमद्वारा इक्कीस हजार पैदलोंका संहार और दुर्योधनका अपनी सेनाको उत्साहित करना । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अतः हमारे लिए यही हितकर होगा कि हम क्रोधित भीमसेन के सामने डटे रहें। क्षत्रियधर्मानुसार युद्ध करने वाले वीर पुरुषों के लिए युद्ध में मृत्यु ही एकमात्र सुखदायी है।
‘Therefore it will be beneficial for us to stand firm in front of the enraged Bhimasena. Death in battle is the only pleasant thing for the brave men who fight according to the kshatriyadharma. 63.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥