श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 19: पाण्डवसैनिकोंका आपसमें बातचीत करते हुए पाण्डवोंकी प्रशंसा और धृतराष्ट्रकी निन्दा करना तथा कौरव-सेनाका पलायन, भीमद्वारा इक्कीस हजार पैदलोंका संहार और दुर्योधनका अपनी सेनाको उत्साहित करना  »  श्लोक 59-60h
 
 
श्लोक  9.19.59-60h 
अल्पं च बलमेतेषां कृष्णौ च भृशविक्षतौ॥ ५९॥
यदि सर्वेऽत्र तिष्ठामो ध्रुवं नो विजयो भवेत्।
 
 
अनुवाद
अब उनके पास बहुत थोड़ी सी सेना ही बची है और श्रीकृष्ण तथा अर्जुन बुरी तरह घायल हो गए हैं। ऐसी स्थिति में यदि हम सब साहस के साथ डटे रहें तो हमारी विजय अवश्य होगी ॥59 1/2॥
 
Now only a very small army is left with them and Shri Krishna and Arjuna are badly injured. In such a situation if we all stand firm with courage then we will surely win. ॥ 59 1/2॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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