Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.19.47-49h: जब वे चारों ओर इस प्रकार खड़े हो गये, तब भीमसेन युद्धभूमि में अत्यन्त क्रोधित हो गये। वे तुरन्त ही रथ से उतरकर पैदल खड़े हो गये और हाथ में सुवर्णजटित एक विशाल गदा लेकर, दण्ड धारण किये हुए यमराज के समान आपके योद्धाओं का संहार करने लगे।   |   mahabharat अध्याय 9.19: पाण्डवसैनिकोंका आपसमें बातचीत करते हुए पाण्डवोंकी प्रशंसा और धृतराष्ट्रकी निन्दा करना तथा कौरव-सेनाका पलायन, भीमद्वारा इक्कीस हजार पैदलोंका संहार और दुर्योधनका अपनी सेनाको उत्साहित करना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 19: पाण्डवसैनिकोंका आपसमें बातचीत करते हुए पाण्डवोंकी प्रशंसा और धृतराष्ट्रकी निन्दा करना तथा कौरव-सेनाका पलायन, भीमद्वारा इक्कीस हजार पैदलोंका संहार और दुर्योधनका अपनी सेनाको उत्साहित करना  »  श्लोक 47-49h
 
 
श्लोक  9.19.47-49h 
अक्रुध्यत रणे भीमस्तैस्तदा पर्यवस्थितै:॥ ४७॥
सोऽवतीर्य रथात् तूर्णं पदाति: समवस्थित:।
जातरूपप्रतिच्छन्नां प्रगृह्य महतीं गदाम्॥ ४८॥
अवधीत् तावकान् योधान् दण्डपाणिरिवान्तक:।
 
 
अनुवाद
जब वे चारों ओर इस प्रकार खड़े हो गये, तब भीमसेन युद्धभूमि में अत्यन्त क्रोधित हो गये। वे तुरन्त ही रथ से उतरकर पैदल खड़े हो गये और हाथ में सुवर्णजटित एक विशाल गदा लेकर, दण्ड धारण किये हुए यमराज के समान आपके योद्धाओं का संहार करने लगे।
 
When they stood all around in this manner, Bhimasena became very angry on the battlefield. He immediately got down from his chariot and stood on foot and holding a huge mace studded with gold in his hand, he started killing your warriors like Yamaraja holding a stick.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)