श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 19: पाण्डवसैनिकोंका आपसमें बातचीत करते हुए पाण्डवोंकी प्रशंसा और धृतराष्ट्रकी निन्दा करना तथा कौरव-सेनाका पलायन, भीमद्वारा इक्कीस हजार पैदलोंका संहार और दुर्योधनका अपनी सेनाको उत्साहित करना  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  9.19.40 
नानादेशसमुद्भूता नानानगरवासिन:।
अवस्थितास्तदा योधा: प्रार्थयन्तो महद् यश:॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
अनेक देशों में उत्पन्न और अनेक नगरों के निवासी वे वीर योद्धा महान यश की इच्छा से युद्ध करने के लिए तत्पर होकर वहाँ खड़े थे ॥40॥
 
Those valiant soldiers, born in several countries and residents of several cities, stood there eager to fight in the war, yearning for great fame. ॥ 40॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)