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श्री महाभारत
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पर्व 9: शल्य पर्व
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अध्याय 19: पाण्डवसैनिकोंका आपसमें बातचीत करते हुए पाण्डवोंकी प्रशंसा और धृतराष्ट्रकी निन्दा करना तथा कौरव-सेनाका पलायन, भीमद्वारा इक्कीस हजार पैदलोंका संहार और दुर्योधनका अपनी सेनाको उत्साहित करना
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श्लोक 37
श्लोक
9.19.37
मयि स्थिते च समरे निरुद्धेषु च पाण्डुषु।
पुनरावर्तते तूर्णं मामकं बलमोजसा॥ ३७॥
अनुवाद
जब मैं रणभूमि में खड़ा होऊँगा और पाण्डवों का आगे बढ़ना रुक जाएगा, तब मेरी सेना शीघ्रता से लौटकर अपनी पूरी शक्ति से युद्ध करेगी। ॥37॥
"When I stand in the battlefield and the Pandavas' advance stops, then my army will return quickly and fight with all its might." ॥ 37॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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